बारिश का मौसम आ चुका है, देश के सभी प्रदेशों में लगातार घनघोर बारिश हो रही है.
बारिश का मौसम जिसका सभी इंतजार करते हैं, इस मौसम में बरखा चारों ओर होती है, घनघोर घटाएं और इंद्रधनुष पूरे आकाश में वर्षा का स्वागत करते हैं.
इस मौसम में ठंड का एहसास होता है. लोगों का मन सुहावना हो जाता है और गर्मी पूरी तरह से समाप्त हो जाती हैं.
बारिश का आगमन
जब गर्मी पूरी तरह से अपने उफान पर होती है. लोग गर्मी से त्राहिमाम कर रहे होते हैं, सभी मनुष्य दिन में तीन बार स्नान करते हैं.
गर्मी अपने पूरे प्रचंड के कारण कई लोगों को अपने काल के गाल में ले जाती है. किसान के काम करने की स्थिति कठिन हो जाती है. कोई भी मनुष्य सड़कों पर दिखाई नहीं देता. ऐसे समय में जब बारिश का आगमन होता है. तो सभी मनुष्य की बाहें खिल जाते हैं.
लोगों का मन प्रसन्न हो जाता है और लोग अपने घरों से बाहर निकलकर मौसम का आनंद से निकलते हैं.
इसी के ऊपर कवि ने चार लाइन है आपके समक्ष प्रस्तुत किए हैं
बरखा के बादल (कविता)
"बरखा के बादल छाये,इन्द्रधनुष का रूप दिखाये।
मौसम ठंडा हुआ सुहाना,उजड़ा गर्मी का ठिकाना।।"
(शैलेन्द्र कुमार मिश्र)

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