मेरा बन्ना चमेली का डोर नयनवा चन्द्रा चकोर - विवाह गीत
सृजन का मन में ले नव उत्साह।
डां०शिवा मिश्रा रच रहीं इतिहास।।
लोकगायिका डाक्टर शिवा मिश्रा जी विलुप्त होती लोकगीत विधा को जीवंत करने का संकल्प सा लेकर, अपनी मधुर वाणी में नित नए प्रयोग करती हुई।
बन्ना,विवाह गीत,कजरी,भजन, सोहर जैसे तमाम पारंपरिक अवसरों पर गाये जाने वाले स्वरचित एक से बढ़ कर एक गीतों को अपनी वाणी से गुंजायमान कर रहीं हैं।
इसी क्रम डाक्टर शिवा जी का नया गीत,जिसके बोल हैं--"मेरा बन्ना चमेली का डोर,नयनवां चंदा चकोर".......!
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