गांधी जयंती,02अक्टूबर पर विशेष! गांधी जी का मंतर! स्वच्छता! बच्चों, बड़े- बूढ़े बंधुवर! अपनाइए, सभी रोगों से सदा सर्वदा रोग-मुक्त हो जाइए। साफ-सफाई को जब हम सब मिल अपनाएंगे, सपने में भी रोग ! आस-पास नजर नहीं आएंगे। झींगुर! मक्खी! मच्छर भी सब हैं जितने प्यारे, बे-मौत ही अनगिनत ! मारे जाएंगे कितने सारे। घर-बाहर! कीचड़-पानी जब कभी कहीं न होगा, मच्छरों का नामोनिशान तब कहीं न भू पर होगा। दाद! खाज !! खुजली!!! है हम सभी जनों की , मिट जाएगी तत्क्षण ही,हर घर- घर से है उदासी। नियत समय पर पूरे होंगे, हम सब लोगों के काम, एक दूजे को सब मिल के, करेंगे बारम्बार प्रणाम! सपने पूरे होंगे बापू के! सब मिल कर मुस्कायेंगे, जय हिंद! जय हिंदी!! के नारे मिल कर लगाएं। सब की धीरे-धीरे ही किस्मत ! सचमुच सुधरेगी, जिंदगी! सभी जनों की सचमुच खूब ही संवरेगी। कूड़ा! कचरा!! करने की अपनी हम सब आदत, आओ! मिल कर के एक-एक कर के बदल डालें। जब भी कूड़ा करें कम ज्यादा! कूड़ेदान में ही डालें जी जाएगा सफाई वाला,आओ!उसे गले लगा लें। ...